किसान आंदोलन पर बहस के बीच वायरल हुआ Swiggy का मजेदार ट्वीट

किसान अपने हक के लिए सड़कों पर हैं। जिन हाथों ने मिट्टी तोड़कर उसमें सोना उगाया, जिन पैरों ने पूस की रात में भी पानी में खड़े होकर अन्‍न की रखवाली की, उन्‍हीं हाथ-पैर पर आज पुलिस के डंडे बरस रहे हैं। यह देश का दुर्भाग्‍य ही कि किसानों का देश कहे जाने वाले हिंदुस्‍तान के रहनुमाओं के आगे आजादी के बाद से लेकर आज तक किसान ही हाथ फैलाकर खड़े भी हैं। खैर, गंभीर चर्चा बंद करते हैं। कुछ हंसी-मजाक वाली बात करते हैं। मुद्दा वही है, बस तरीका अलग है। मतलब बात किसानों की ही है, बस गंभीर न होकर हंसाते हुए अपनी बात कह जाने की कला है। मामला ट्विटर का है और स्‍व‍िगी से जुड़ा है।

तो भैया हुआ ये है कि इंटरनेट की दुनिया में बतकही खूब चल रही है। यहां ज्ञान न बांटे, क्‍योंकि यहां सभी ज्ञानी हैं। अब किसान सड़कों पर हैं तो सोशल मीडिया की गलियों में भी खूब हायतौबा है। कुछ पक्ष में कुछ व‍िपक्ष में। ठीक वैसे ही जैसे चाय की दुकान पर दिनभर की चर्चा होती रहती है। अब इसी चर्चा में अपनी निर्मला ताई के पैरोडी अकाउंट ने एक ट्वीट किया। ट्वीट में कटाक्ष था। लेकिन नहले पर दहला मारा अपनी फूड ड‍िलिवरी कंपनी Swiggy ने।

क्रम से समझाते हैं। ट्विटर पर प्रोफाइल Nirmala Tai 2.0 ने एक ट्वीट किया। @Cryptic_Miind नाम के इस यूजर ने लिखा, ‘किसान आंदोलन पर मेरी भक्‍त दोस्‍त के साथ बहस हो गई। उसका कहना है कि वह भोजन के लिए किसानों पर आश्र‍ित नहीं है। हम हमेशा स्‍व‍िगी से ऑर्डर कर सकते हैं।’

अब अक्‍ल बड़ी या भैंस के तर्ज पर बात तो सही है। लेकिन इस मजेदार मामले को और महा मजेदार बना दिया स्‍व‍िगी के रिप्‍लाई ने। इस फूड डिलिवरी ऐप के आधार‍िक ट्विटर हैंडल ने जवाब में लिखा, ‘माफ कीजिएगा, हम एजुकेशन को रीफंड नहीं कर सकते हैं।’ कुल मिलाकर ‘स्‍व‍िगी’ वाले दीदी या भैया ने उस ‘भक्‍त दोस्‍त’ को कायदे से बता दिया कि गुरु जब पढ़ाई सिर्फ ए बी सी डी तक ही हुई हो तो शेक्‍सपीयर की किताब खोलकर नहीं बैठते। पाप चढ़ता है।

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